Jharkhand Rajya Fasal Rahat Yojana

author
Submitted by shahrukh on Thu, 02/05/2024 - 13:14
Jharkhand CM
Highlights
  • फसल की क्षति होने पर 3000/- रूपये प्रति एकड़ से लेकर 4000/- रूपये प्रति एकड़ तक की सहायता।
Customer Care
  • झारखण्ड राज्य फसल राहत योजना हेल्पलाइन नंबर :- 18001231136.
  • झारखण्ड राज्य फसल राहत योजना हेल्पडेस्क ईमेल :- jrfryhelpdesk@gmail.com.
योजना का अवलोकन
योजना का नाम झारखण्ड राज्य फसल राहत योजना।
आरंभ होने की तिथि 2022.
लाभ फसल की क्षति होने पर 3000/- रूपये प्रति एकड़ से लेकर 4000/- रूपये प्रति एकड़ तक की सहायता।
नोडल विभाग कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, झारखण्ड सरकार।
आवेदन का तरीका ऑनलाइन झारखण्ड राज्य फसल राहत योजना पोर्टल।

योजना के बारे मे

  • झारखण्ड राज्य फसल राहत योजना किसानों के हित के लिए झारखण्ड सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है।
  • इसका सञ्चालन झारखण्ड सरकार के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग द्वारा किया जाता है।
  • बहुत बार झारखण्ड प्रदेश में प्राकृतिक आपदा या किसी दुर्घटना वश किसानों की फसलें बर्बाद हो जाती है।
  • इससे किसानो के जीवन और उनकी कमाई पर गहरा असर पढ़ता है।
  • इन्ही सब बातों को ध्यान में रखते हुवे सरकार द्वारा झारखण्ड राज्य फसल राहत योजना की शुरुआत की गयी।
  • योजना के तहत अगर प्रदेश के किसानों की प्राकृतिक आपदा या किसी दुर्घटना वश फसल बर्बाद होती है तो सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
  • झारखण्ड राज्य फसल राहत योजना में आर्थिक सहायता फसल को पहुँचाने वाली क्षति पर निर्भर करेगी।
  • योजना में 20 प्रतिशत तक फसल बर्बाद होने पर 3000/- रूपये प्रति एकड़ की आर्थिक सहायता दी जाएगी जो की न्यूनतम है।
  • वहीँ 86 प्रतिशत से ऊपर फसल बर्बाद होने पर 4000/- रूपये प्रति एकड़ की आर्थिक सहायता दी जाएगी जो की अधिकतम है।
  • इसी तरह फसल प्रतिशत के हिसाब से ही किसान को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
  • झारखण्ड राज्य फसल राहत योजना में लघु एवं सीमान्त किसान ही पात्र होंगे।
  • योजना का लाभ लेने के लिए किसान झारखण्ड राज्य फसल राहत योजना के पोर्टल पर आवेदन कर सकते है।

उद्देश्य

  • झारखण्ड राज्य फसल राहत योजना की शुरुआत निम्नलिखित उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुवे की गयी है :-
    • प्राकृतिक आपदा या किसी घटनाक्रम के कारण फसल बर्बाद होने पर आर्थिक सहायता।
    • किसानो की आय में वृद्धि कर कृषि कार्य के लिए प्रेरित करना।
    • फसल खराब होने की वजह से हुवे नुक्सान की भरपाई करना।

योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ

झारखण्ड राज्य फसल राहत योजना के तहत पात्र किसानों को निम्नलिखित आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी :-

फसल क्षति का प्रतिशत राशि (रूपये में)
20 प्रतिशत तक 3000/- प्रति एकड़।
21 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक 3,075/- प्रति एकड़।
26 प्रतिशत से 30 प्रतिशत तक 3,150/- प्रति एकड़।
31 प्रतिशत से 35 प्रतिशत तक 3,225/- प्रति एकड़।
36 प्रतिशत से 40 प्रतिशत तक 3,300/- प्रति एकड़।
41 प्रतिशत से 45 प्रतिशत तक 3,375/- प्रति एकड़।
46 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक 3,425/- प्रति एकड़।
51 प्रतिशत से 55 प्रतिशत तक 3,500/- प्रति एकड़।
56 प्रतिशत से 60 प्रतिशत तक 3,575/- प्रति एकड़।
61 प्रतिशत से 65 प्रतिशत तक 3,625/- प्रति एकड़।
66 प्रतिशत से 70 प्रतिशत तक 3,700/- प्रति एकड़।
71 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक 3,775/- प्रति एकड़।
76 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक 3,825/- प्रति एकड़।
81 प्रतिशत से 85 प्रतिशत तक 3,900/- प्रति एकड़।
86 प्रतिशत से ऊपर 4,000/- प्रति एकड़।

पात्रतायें

  • झारखण्ड के लघु एवं सीमांत किसान।
  • रैयत किसान जो अपनी भूमि पर स्वयं खेती करते है।
  • गैर रैयत किसान जो अन्य रैयतों की भूमि पर कृषि करते है।
  • सरकारी जमीन पर खेती करने वाले कृषक।
  • किसान की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।

अपात्रताएं

झारखण्ड राज्य फसल राहत योजना के अंतर्गत किसान या उसके परिवार में यदि कोई सदस्य निम्नलिखित श्रेणी में आते है तो वो इस योजना के अंतर्गत अपात्र माने जायेंगे :-

  • संविधानिक पद पर वर्तमान या पूर्व में बैठा व्यक्ति।
  • केंद्र या राज्य सरकार के वर्तमान या पूर्व कर्मचारी/ पदाधिकारी।
  • PSU के वर्तमान या पूर्व कर्मचारी/ पदाधिकारी।
  • 10,000 रूपये से अधिक की पेंशन प्राप्त करने वाला व्यक्ति।
  • आय कर देने वाले सभी व्यक्ति।
  • निम्नलिखित पेशे से जुड़े व्यक्ति :-
    • डॉक्टर।
    • इंजीनियर।
    • वकील।
    • चार्टर्ड अकाउंटेंट।
    • आर्किटेक्ट।

लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज

झारखण्ड राज्य फसल राहत योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ होना अनिवार्य है :-

रैय्यत किसानो के लिए दस्तावेज़
  • आधार कार्ड।
  • बैंक खाते का विवरण।
  • खाता खतौनी।
  • भूमि अधिकार प्रमाण पत्र।
  • भूमि की राजस्व रसीद।
  • किसान की वंशावली।
  • रैयत किसान घोषणा पत्र।
बटाईदार/ गैर रैयत किसानो के लिए दस्तावेज़
  • आधार कार्ड।
  • बैंक खाते का विवरण।
  • भूमि बंदोबस्ती पट्टा।
  • भूमि स्वामी का सहमति पत्र।
  • गैर रैयत/ बटाईदार किसान घोषणा पत्र।

लाभ लेन की प्रक्रिया

  • झारखण्ड राज्य फसल राहत योजना के लिए किसान झारखण्ड राज्य फसल राहत योजना के पोर्टल से कर सकते है।
  • सबसे पहले किसान को पोर्टल पर अपना पंजीकरण करना होगा।
  • पंजीकरण करने के लिए आधार नम्बर होना अनिवार्य है।
  • पंजीकरण हो जाने के बाद पोर्टल द्वारा आवेदक को लॉगिन आईडी और पासवर्ड भेजा जायेगा।
  • आवेदक को उसी लॉगिन आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करना होगा या आवेदक अपने मोबाइल नंबर से भी लॉगिन कर सकता है।
  • लॉगिन करने के पश्चात आवेदक को निजी जानकारी और भूमि से सम्बंधित जानकारी भरनी होगी।
  • उसके बाद मांगे गए दस्तावेज़ पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।
  • उसके बाद आवेदन पत्र को सबमिट कर देना है।
  • आवेदन पत्र सबमिट होते ही पोर्टल द्वारा आवेदन संख्या का विवरण दे दिया जायेगा जिसे किसान को संभाल कर रखना होगा।
  • आवेदन पत्र की गहनता से जांच होगी और अधिकारीयों द्वारा किसान की भूमि का निरिक्षण किया जायेगा।
  • सत्यापन हो जाने और सही पाए जाने के पश्चात लाभ की धनराशि किसान के खाते में हस्तांतरित कर दी जाएगी।

योजना के महत्वपूर्ण बिंदु

  • झारखण्ड राज्य फसल राहत योजना भूस्वामी किसान व भूमिहीन किसान दोनों के लिए है।
  • ये योजना एक क्षतिपूर्ति योजना है जिसका लाभ किसानो को उनकी फसल की क्षति हो जाने पर दिया जायेगा।
  • योजना के अंतर्गत प्राकृतिक आपदा या प्राकृतिक दुर्घटनाओं से होने वाली फसल की बर्बादी को ही लाभ के पात्र मन जायेगा।
  • झारखण्ड राज्य फसल राहत योजना में केवल अधिकतम 5 एकड़ व न्यूनतम 0.1 एकड़ तक की भूमि पर ही आर्थिक लाभ दिया जायेगा।
  • लाभ लेने के लिए किसान के पास आधार कार्ड होना अनिवार्य है।
  • अगर किसी परिवार का सदस्य सरकारी विभाग में मल्टी टास्किंग स्टाफ या ग्रुप 4 या ग्रुप D के पद पर है तो वो भी इस योजना के तहत पात्र होंगे।
  • क्षतिपूर्ति राशि हेतु फसल के निम्नलिखित चरणों के नुक्सान पर विचार किया जायेगा :-
  • प्राकृतिक आपदा के कारण बुवाई या रोपाई का विफल हो जाना।
  • बुवाई के बाद कटाई तक की अवधि में प्राकृतिक आपदा से होने वाला नुक्सान।
  • कटाई के बाद सुखाने को रखी फसल का नुक्सान।
  • किसानों को लाभ की धनराशि उनके बैंक खाते में DBT के माध्यम से दी जाएगी।
  • झारखण्ड राज्य सहकारी बैंक इस योजना का नोडल बैंक होगा।

प्राकृतिक आपदाएं जिनमे लाभ देय होगा

झारखण्ड राज्य फसल राहत योजना में निम्नलिखित प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं को योजना में शामिल किया गया है :-

  • बाढ़ एवं जल भराव।
  • ज्वालामुखी विस्फोट।
  • भूकंप।
  • व्यापक महामारी।
  • भूस्खलन।
  • सूखा या शुष्क हवाएं।
  • वज्रपात।
  • प्राकृतिक रूप से आग।
  • मूसलाधार बारिश।
  • चक्रवात।
  • सुनामी।
  • आंधी।
  • बवंडर।
  • अन्य भूभर्गिये प्रक्रियाएं।

आपदाएं जिनमे लाभ देय नहीं होगा

झारखण्ड राज्य फसल राहत योजना में निम्नलिखित प्रकार के जोखिमों को योजना में शामिल नहीं किया गया है :-

  • युद्ध या नाभकीय जोखिमों के कारण होने वाला नुक्सान।
  • दुर्भावना पूर्ण क्षति।
  • किसानों द्वारा अवैज्ञानिक तरीके से खेती करना।
  • जंगली जानवरों द्वारा किये गए हमले में नुक्सान।

महत्वपूर्ण आवेदन पत्र

महत्वपूर्ण लिंक

सम्पर्क करने का विवरण

  • झारखण्ड राज्य फसल राहत योजना हेल्पलाइन नंबर :- 18001231136.
  • झारखण्ड राज्य फसल राहत योजना हेल्पडेस्क ईमेल :- jrfryhelpdesk@gmail.com.

Comments

Permalink

Ansari

Comment
Permalink

जंगली जानवरों से हुई फसल की…

Comment
Permalink

नदी का पानी मेरी फसल खराब…

Comment
Permalink

मुझ पर बैंक का 45 हज़ार का…

Comment
Permalink

e kyc karana hai rajya fasal…

Comment

e kyc karana hai rajya fasal rahat yojana ka

Permalink

शुखाड योजना में प्रतापपुर प्रखंड की सूची का नाम न होना

Comment

श्रीमान मैं आपसे कहना चाहता हूं कि सुखाड योजना में चतरा जिले के प्रतापपुर प्रखंड का नाम नहीं आया है जो कि जिले में सबसे खराब स्थिति प्रतापपुर प्रखंड का था आप एक बार फिर से सर्वे करा कर भी देख सकते हैं और कृपया कर प्रतापपुर प्रखंड का नाम को शामिल किया जाए

Permalink

fasqal ka muaja

Your Name
amit
Comment

fasqal ka muaja

Add new comment

Plain text

  • No HTML tags allowed.
  • Lines and paragraphs break automatically.