हाइलाइट
- केंद्र सरकार के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 150 रूपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस।
- बोनस पश्चात राज्य के सभी किसानो को गेहू विक्रय पर 2,575/- रूपए की धनराशि प्राप्त होगी।
- विक्रय किये गए गेहूं का मूल्य किसानो को उनके जनाधार कार्ड से लिंक बैंक खाते में प्राप्त होगी।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
- कृषक समर्थन योजना हेल्पलाइन नंबर : - 18001806030
- कृषक समर्थन योजना ईमेल हेल्पडेस्क : - rajasthanmsp@gmail.com
सूचना विवरणिका
योजना का अवलोकन
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योजना का नाम | राजस्थान कृषक समर्थन योजना |
आरंभ वर्ष | 2025 |
लाभ | गेहूं के समर्थन मूल्य पर 150 रूपए का अतिरिक्त लाभ। |
लाभार्थी | राज्य के किसान। |
नोडल विभाग | खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, राजस्थान। |
सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
आवेदन का तरीका | कृषक समर्थन योजना के ऑनलाइन आवेदन पत्र के माध्यम से। |
योजना के बारे में
- बुआई से लेकर कटाई तक दिन रात कड़ी मेहनत करने के बाद जब किसान अपनी फसल को बेचने जाता है तो उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य भी प्राप्त नही हो पाता।
- किसान द्वारा की गई सभी मेहनत बेकार दिखाई देती है जब उनकी मेहनत का फल व्यापारी ले जाते है।
- फसल का उचित मूल्य ना मिलना किसानो के अंदर खेती को लेकर संशय पैदा करने लगा है जिसके चलते कई किसान खेती न करने का मन बना चुके है।
- इस समस्या के समाधान हेतु एवं किसानो को खेती के लिए प्रोत्साहित करने केंद्र सरकार फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य में समयानुसार बढ़ोतरी करती रहती है।
- अन्य राज्य सरकारों की तरह राजस्थान सरकार भी अपने राज्य के किसानो को उनकी फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अतिरिक्त लाभ प्रदान कर रही है।
- इसके लिए हाल ही में राजस्थान सरकार द्वारा "कृषक समर्थन योजना" को लागु करने का निर्णय लिया गया।
- इस योजना के द्वारा राज्य सरकार किसानो को उनकी गेहू की फसल पर केंद्र सरकार से मिलने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 150 रूपए का बोनस प्रदान करेगी।
- यह बोनस किसानो को उनके द्वारा विक्रय की गई गेहू की प्रत्येक क्विंटल पर प्रदान किया जाएगा।
- इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानो को उनकी फसल एवं मेहनत का उचित मूल्य प्रदान करवाना है।
- केंद्र सरकार द्वारा गेहू की फसल पर 2,425/- रूपए प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है।
- कृषक समर्थन योजना के अंतर्गत मिलने वाले बोनस की राशि को मिलाकर राज्य के प्रत्येक किसानो को 2575 रूपए प्रति क्विंटल प्राप्त होंगे।
- योजना का लाभ केवल उन्ही पंजीकृत किसानो को दिया जाएगा जो योजना आधारित चयनित विक्रय केंद्र पर जाकर अपनी फसल को बेचेंगे।
- सरकार द्वारा पहले राज्य के किसानो को 125 रूपए का बोनस दिया जाता था लेकिन हाल में जारी बजट में सरकार ने इस राशि को 125 से बढाकर 150 रूपए प्रति क्विंटल कर दिया।
- संशोधित बोनस राशि चालू गेहूं-रबी सीजन यानी 2025-26 से लागू होगी।
- योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानो को नोडल विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा।
- वर्ष 2025 के लिए कृषक समर्थन योजना के पंजीकरण की प्रक्रिया 1 जनवरी 2025 से शुरू की गई है।
- पंजीकरण हेतु किसानो को अपने जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने आवश्यक होंगे।
- कृषक समर्थन योजना के पंजीकरण की अंतिम तिथि 25 जून 2025 निर्धारित की गई है।
- किसान उसी केंद्र में जाकर अपनी फसल का विक्रय कर सकेंगे जिसका चयन उन्होंने पंजीयकरण के दौरान किया था।
- पंजीकरण उपरांत किसानो को उनके मोबाइल पर विक्रय केंद्र द्वारा एक टोकन भेजा जाएगा।
- टोकन में फसल विक्रय करने की तिथि एवं समय की जानकारी होगी।
- योजना के सफल संचालन की जिम्मेदारी राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को दी गई है और इस योजना का नोडल विभाग भी नियुक्त किया गया है।
- योजना से जुडी किसी बी प्रकार की समस्या हेतु किसान योजना के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके भी प्राप्त कर सकते है।
योजना में लाभार्थियों को मिलने वाले लाभ
- कृषक समर्थन योजना के तहत राज्य के किसानो को राजस्थान सरकार निम्नलिखित लाभ प्रदान करेगी : -
- केंद्र सरकार के तय न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 150 रूपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस।
- बोनस पश्चात राज्य के सभी किसानो को गेहू विक्रय पर 2,575/- रूपए की धनराशि प्राप्त होगी।
- विक्रय किये गए गेहूं का मूल्य किसानो को उनके जनाधार कार्ड से लिंक बैंक खाते में प्राप्त होगी।
पात्रता की शर्तें
- कृषक समर्थन योजना के तहत मिलने वाले बोनस का लाभ केवल उन्ही किसानो को प्राप्त होगा जो निम्नलिखित पात्रता को पूर्ण करेंगे : -
- किसान राज्य का स्थायी निवासी हो।
- किसान राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में पंजीकृत हो।
- सभी के पास जनाधार कार्ड एवं उससे लिंक बैंक एकल बैंक खाता हो।
- रेंट एग्रीमेंट/लीज/ स्व हस्ताक्षरित घोषणा पत्र यदि किसान के पास स्वयं की भूमि ना हो।
- किसान के पास गिरदवारी मूल स्वरुप में हो।
लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज
- कृषक समर्थन योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदकों को अपने निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने आवश्यक होंगे : -
पंजीकरण हेतुविक्रय काउंटर पर
- आवेदक का जनाधार कार्ड।
- बैंक संबंधित दस्तावेज।
- किरायनामा। (यदि लागु हो)
- भूमि स्वामी का जनाधार कार्ड (यदि लागु हो)
- स्वः घोषित पत्र (यदि लागु हो)
- आवेदक का जनाधार कार्ड की मूल प्रति।
- मंदिर समिति के अध्यक्ष या कार्यकारिणी सदस्य का जनाधार कार्ड (यदि लागु हो)
- गिरदवारी की मूल प्रति (यदि लागु हो)
आवेदन की प्रक्रिया
- लाभार्थी किसान को कृषक समर्थन योजना के लाभ हेतु आवेदन करना आवश्यक है।
- कृषक समर्थन योजना के आवेदन ऑनलाइन माध्यम के साथ नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर भी किये जा सकते है।
- कृषक समर्थन योजना के आवेदन पत्र ऑनलाइन जमा करने हेतु पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।
- ऑनलाइन पंजीकरण खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की वेबसाइट से किए जा सकते है।
- सभी किसान योजना के लिए आवेदन इसकी अंतिम तिथि से पहले अवश्य से कर दे।
- 1 जनवरी 2025 से शुरू हुई आवेदन की प्रक्रिया 25 जून 2025 तक जारी रहेगी।
पंजीकरण की प्रक्रिया
- कृषक समर्थन योजना के पंजीकरण हेतु किसानो को सर्वप्रथम खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की वेबसाइट पर जाना है।
- इसके मुख्य पेज से 'गेहूं खरीद हेतु किसान पंजीकरण" का चुनाव करे।
- पंजीकरण पूर्व दी गई महत्वपूर्ण सूचना पढ़कर किसान पंजीकरण लिंक पर क्लिक करे।
- आगे फसल का नाम सूची से चुने और अपना जनाधार कार्ड संख्या दर्ज करके 'खोजे' पर क्लिक करे।
- दर्ज किए गए जनाधार नंबर से परिवार के सदस्यों की सूची प्रस्तुत होगी।
- गिरदवारी नामित सदस्य के नाम का चुनाव करे।
- चुनाव पश्चात उक्त सदस्य का विवरण स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा।
- अन्य विवरण को दर्ज करके आगे बढे।
- आवेदक जिस केंद्र में अपनी फसल का विक्रय करना चाहता है सूची से उसका चयन करे।
- भूमि किसान की स्वयं की है या किराए पर उसकी जानकारी दर्ज करे।
- यदि भूमि किराए की है तो भूमि स्वामी के मांगे गए दस्तावेजों को अपलोड करे।
- सूची से अपने जिले, तहसील एवं गांव का चयन करे।
- भूमि सम्बंधित जरूरी विवरण दर्ज करे और विवरण जोड़े का चयन करे।
- सेव बटन का चयन करके पंजीकरण की प्रक्रिया को पूर्ण करे।
- प्रक्रिया पूर्ण होने पर व्यक्ति के पंजीकृत नंबर पर पंजीकरण का विवरण एसमएस के माध्यम से भेजा जाएगा।
- पंजीकरण पश्चात उक्त विक्रय केंद्र द्वारा किसान को एसमएस के माधयम से गेहू विक्रय करने हेतु एक टोकन जारी किया जाएगा।
योजना की मुख्य विशेषताए
- लाभ हेतु किसान को अपना पंजीकरण करवाना जरूरी है।
- ऑनलाइन पंजीकरण 25 जून 2025 तक किया जा सकेगा।
- कोटा डिवीज़न में गेहू की खरीद 1 मार्च से चालू होगी जो की 30 जून 2025 तक की जाएगी।
- अन्य डिवीज़न में गेहू की खरीद 10 मार्च से 30 जून 2025 तक की जाएगी।
- किराये की भूमि पर खेती करने वाले किसानो को भूमि स्वामी का जनाधार कार्ड और किरायानामा प्रस्तुत करना होगा।
- किसान को अपने दस्तावेजों की मूल प्रतिलिपि विक्रय केंद्र पर प्रस्तुत करने होंगे।
- पंजीकरण पश्चात किसानो को एसमएस के माध्यम से गेहू विक्रय करने हेतु टोकन प्राप्त होगा।
- इस टोकन में गेहू विक्रय करने की तिथि एवं समय की जानकारी होगी।
- यदि पंजीकरण के 7 से 10 दिन की भीतर किसान को टोकन की प्राप्त नहीं होती है तो वह योजना के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके उसकी जानकारी ले सकता है।
महत्वपूर्ण लिंक
- कृषक समर्थन योजना ऑनलाइन पंजीकरण।
- कृषक समर्थन योजना दिशानिर्देश।
- कृषक समर्थन योजना बोनस वृद्धि नोटिस।
- कृषक समर्थन योजना के तहत जारी संसोधित विक्रय केंद्र सूची।
- राजस्थान खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की वेबसाइट।
संपर्क करने का विवरण
- कृषक समर्थन योजना हेल्पलाइन नंबर : - 18001806030
- कृषक समर्थन योजना ईमेल हेल्पडेस्क : - rajasthanmsp@gmail.com
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